अहमद-ए-मुख़्तार का नबियों में हमसर कौन है? : नात शरीफ़
नात शरीफ़
अहमद-ए-मुख़्तार का नबियों में हमसर कौन है?
अंबिया में मालिक-ए-तस्नीम ओ कौसर कौन है?
सब से बढ़ कर माल-ओ-ज़र किस ने किया है नज़्र-ए-शाह
हैं अबू तालिब अगर मुफ़लिस, तवंगर कौन है?
मुस्तफ़ा ﷺ हैं, फ़ातिमा हैं, शबर व शब्बीर हैं
एक और इनके अलावा, ज़ेर-ए-चादर कौन है?
हज़रत हारूँ बरादर हैं कलीमुल्लाह के
उम्मती हैं जिस के हम, उस का बरादर कौन है?
ऐ अलीؑ! फ़ारूक़-ए-आज़म तो लक़ब है आप का
ऐ वसी-ए-मुस्तफ़ा ﷺ! सिद्दीक़-ए-अकबर कौन है!
सोच! किस ने ली ग़ुलामी की सनद सब्तैन से
तुझ पे खुल जाएगा आका ﷺ कौन, नौकर कौन है?
जिस ने घर-घर में दिया इस्लाम का रौशन किया
उस हुसैन इब्न-ए-अली सा, और बेघर कौन है?
किस के दर से इल्म की ख़ैरात पाता है जहाँ!
मुस्तफ़ा ﷺ हैं शहर-ए-हिकमत, शहर का दर कौन है?
इक सहाबा की जमाअत छोड़ कर, या अंबिया
वाली-ए-बग़दाद! मुहियुद्दीन का हमसर कौन है?
छोड़ जामी, हश्र में हो जाएगा सब पर अयाँ
कौन कम रुतबा है किस से, किस से बेहतर कौन है?
कलाम :
जानशीन-ए-नसीर-ए-मिल्लत, सैयदुस्सादात पीर सैयद ग़ुलाम निज़ामुद्दीन जामी गीलानी क़ादरी, दरबार आलिया गोलड़ा शरीफ़
शेर:
कोई हो मुत्तक़ी व आलिम व ज़ाहिद ज़माने में।
मगर आल-ए-मुहम्मद ﷺ के बराबर हो नहीं सकता।
जामी साहब
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