बच्चों की नाते पाक | खूबसूरत नाते पाक
नाते पाक अच्छी-अच्छी | नाते पाक तकरीर
नाअ़ते पाक
बहुत हो चुका दूर रह - रह के जीना
बुला लीजे शाहे उमम अब मदीना
बुला लीजे शाहे उमम अब मदीना
कहीं और जाने की क्यों आर्ज़ू हो
है दर पे तुम्हारे जहाँ का ख़जी़ना
बसी इसमें जन्नत की ख़ुश्बू यक़ीनन
है फूलों से अफ़ज़ल तुम्हारा पसीना
ख़ुदारा इधर भी हो नज़रे करम अब
के मज धार में है हमारा सफी़ना
न तशरीफ़ लाते रसूल -ए- ख़ुदा गर
भला कैसे आता सलीक़े से जीना
भला कैसे आता सलीक़े से जीना
जो आशिक़ तुम्हारे ख़ुदा के वो प्यारे
तुम्हारी मुहब्बत है जन्नत का ज़ीना
फ़राज उनके दर को मैं कैसे भुला दूँ
के है ज़र्रा - ज़र्रा वहाँ का नगीना
सरफ़राज़ हुसैन "फ़राज़" पीपलसाना
मुरादाबाद उत्तर प्रदेश अलहिन्द
मदीने को जाने के दिन आ रहे हैं-लिखी हुई नाते | Naat Sharif Hindi
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