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स्वदेशी कविता का भावार्थ व्याख्या एवं प्रश्नों के उत्तर | बद्रीनारायण चौधरी प्रेमघन

स्वदेशी कविता का भावार्थ व्याख्या एवं प्रश्नों के उत्तर | बद्रीनारायण चौधरी प्रेमघन


आज के पोस्ट में हम बद्री नारायण चौधरी प्रेमघन द्वारा रचित कविता स्वदेशी का भावार्थ व्याख्या एवं प्रश्नों के उत्तर प्रस्तुत करने जा रहे हैं। यह पाठ बिहार बोर्ड कक्षा 10 हिंदी के पद्य भाग के पाठ चार स्वदेशी Swadeshi Class 10 Hindi पर आधारित है।

Swadeshi  Kavita  Class 10 Hindi Badrinarayan Premghan


स्वदेशी कविता के कवि का नाम - बदरीनारायण चौधरी ‘प्रेमघन’ है। इनका जन्म- 1 सितम्बर 1855 ई. को उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर गांव में हुआ था और मृत्यु - 1922 ई. में।

कवि प्रेमघन जी काव्य और जीवन दोनों ही क्षेत्रों में भारतेन्दु हरिश्चन्द्र को अपना आदर्श मानते थे। इन्होनें भारत के विभिन्न स्थानों का अनेकों बार भ्रमण किया था। 1874 ई. में इन्होनें मिर्जापूर में रसिक समाज की स्थापना भी किया। ये साहित्य सम्मेलन के कलकत्ता अधिवेशन के सभापति भी रहें। इनकी रचनाएँ ‘प्रेमघन सर्वस्व‘ में संगृहीत हैं।


बद्री नारायण चौधरी प्रेमघन प्रमुख रचनाएँ —

प्रमुख रचनाएँ- भारत सौभाग्य तथा प्रयाग रामागमन इनके प्रसिद्ध नाटक हैं। इन्होनें ‘जीर्ण जनपद’ नामक नाटक लिखा जिसमें ग्रामीण जीवन का यर्थाथवादी चित्रण है।


प्रस्तुत कविता ‘स्वदेशी’ प्रेमघन द्वारा लिखित रचनाएँ ‘प्रेमघन सर्वस्व’ से ली गई है। इन दोहों में नवजागरण का स्वर मुखरित है। दोहों की विषय-वस्तु और काव्य वैभव कविता के स्वदेशी भाव को स्पष्ट करते हैं। कवि की चिंता आज के परिवेश में भी प्रासंगिक है।

Swadeshi Kavita Class 10 Hindi

Swadeshi Kavita Class 10 Hindi


स्वदेशी

सबै बिदेसी वस्तु नर, गति रति रीत लखात।
भारतीयता कछु न अब भारत म दरसात।।

कवि प्रेमघन कहते हैं कि पराधीनता के कारण भारत में सर्वत्र विदेशी वस्तुएँ ही दिखाई पड़ती हैं। लोगों के चाल-चलन तथा रीति-रिवाज सभी कुछ बदल गए हैं। दुःख इस बात का है कि लोगों में भारतीयता की भावना बिल्कुल मर सी गई है। देश-प्रेम की भावना देश में कहीं भी दिखाई नहीं देती।

मनुज भारती देखि कोउ, सकत नहीं पहिचान।
मुसल्मान, हिंदू किधौं, कै हैं ये क्रिस्तान।।

पढ़ि विद्या परदेश की, बुद्धि विदेशी पाय।
चाल-चलन परदेश की, गई इन्हैं अति भाय।।

कवि प्रेमघन जी का कहना है कि अंग्रजी शासनकाल में हिंदु-मुसलमान दोनों के रहन-सहन, खान-पान, विद्या-व्यवसाय, चाल-चलन और आचरण बदल गए हैं। विदेशी भाषा पढ़ने के कारण अपनी संस्कृति एवं भाषा सभी चीजों को त्याग कर विदेशी चाल-चलन अपना लिए हैं।

ठटे विदेशी ठाट सब, बन्यो देश विदेस।
सपनेहूँ जिनमें न कहुँ, भारतीयता लेस।।

बोलि सकत हिंदी नहीं, अब मिलि हिंदू लोग।
अंगरेजी भाखन करत, अंग्रेजी उपभोग।।

कवि ‘प्रेमघन’ जी देश की ऐसी दुर्दशा देखकर दुखी मन से कहते हैं कि अंग्रेजी शासन के कारण ही हम भारतीयों का संस्कार विदेशी हो गया है। स्वदेशी वस्तुएँ नष्ट कर दी गई हैं। विदेशी वस्तुओं तथा भाषा के प्रचार के कारण कहीं भी भारतीयता के लक्षण दिखाई नहीं पड़ते। सभी अपनी सुख-सुविधा के प्राप्ति के लिए अंग्रजी भाषा का व्यवहार करते हैं।

अंगरेजी बाहन, बसन, वेष रीति औ नीति।
अंगरेजी रुचि, गृह, सकल, बस्तु देस विपरित।।

हिन्दुस्तानी नाम सुनि, अब ये सकुचि लजात।
भारतीय सब वस्तु ही, सों ये हाय घिनात।।


कवि ‘प्रेमघन' जी का कहना है कि अंग्रेजी शासनकाल में भारतीयों की मनोदशा इतनी दूषित हो गई है कि वे भारतीय वस्तुओं का उपयोग करना छोड़कर विदेशी वस्तुओं का उपयोग करने लगे हैं। इनका हर कुछ विदेशी रंग में रंग चूका है। वे अपने को हिंदुस्तानी कहने में संकुचित महसूस करते हैं तथा स्वदेशी वस्तु देखकर नाक-भौं सिकोड़ने लगते हैं।

देस नगर बानक बनो, सब अंगरेजी चाल।
हाटन मैं देखहु भरा, बसे अंगरेजी माल।।

जिनसों सम्हल सकत नहिं तनकी, धोती ढीली-ढीली।
देस प्रंबध करिहिंगे वे यह, कैसी खाम खयाली।।

कवि कहते हैं कि भारतीय ग्रामीण  हाट-बाजारों में अंग्रेजी सामान भर दिए गये हैं। भारतीय इन वस्तुओं के व्यवसायी बन गए हैं। देश में निर्मित वस्तुओं का लोप हो गया है। देश की कमान वैसे लोगों के हाथ में है, जों स्वयं ढुलमुल विचार के हैं, जिन्हें स्वयं पर भरोसा नहीं है।

दास-वृति की चाह चहूँ दिसि चारहु बरन बढ़ाली।
करत खुशामद झूठ प्रशंसा मानहुँ बने डफाली।।

कवि आश्चर्य प्रकट करते हुए कहते हैं कि ऐसे खोटे विचार वालों से देश की सुरक्षा का आशा करना कितना हास्यप्रद है। क्योंकि सभी जाति के लोग अपनी आजीविका के लिए खुशामद और झूठी प्रशंसा का ढोल पीटने लगे हैं।

Swadeshi Kavita Class 10 Hindi Question Answer


लघु-उत्तरीय प्रश्नों के उत्तर

प्रश्न १.

कवि समाज के किस वर्ग की आलोचना करता है, और क्यों?

उत्तर : उत्तर भारत में एक ऐसा समाज स्थापित हो गया है जो अंग्रेजी बोलने में अपनी शान की बात समझता है। अंग्रेजी रहन-सहन, विदेशी ठाट-बाट, विदेशी बोलचाल को अपनाना विकास मानते हैं।

प्रश्न २.

नेताओं के बारे में कवि की क्या राय है?

अथवा,

नेताओं के बारे में कविवर ‘प्रेमघन’ की क्या राय है ?

उत्तर : आज देश के नेता, देश के मार्गदर्शक भी अब स्वदेशी वेश-भूषा, बोल-चाल से परहेज करने लगे हैं। अपने देश की सभ्यता-संस्कृति को बढ़ावा देने के बदले पाश्चात्य सभ्यता से स्वयं प्रभावित दिखते हैं।

प्रश्न ३

‘स्वदेशी’ कविता का मूल भाव क्या है? सारांश में लिखिए।

उत्तर : स्वदेशी कविता का मूल भाव यह है कि भारत के लोगों के मन से स्वदेशी अपनाओ की भावना लुप्त हो गई है। विदेशी भाषा, रीति-रिवाज से इतना स्नेह हो गया है कि भारतीय लोगों का रुझान स्वदेशी के प्रति बिल्कुल नहीं है। सभी ओर मात्र अंग्रेज़ और अंग्रेजी का बोलबाला है।

प्रश्न ४.

कवि को भारत में भारतीयता क्यों नहीं दिखाई पड़ती ?

उत्तर : कवि को भारत में स्पष्ट दिखाई पड़ता है कि यहाँ के लोग पूरी तरह से विदेशी रंग में रंगे हैं। खान-पान, बोल-चाल, हाट-बाजार अर्थात् सम्पूर्ण मानवीय क्रिया-कलाप में अंग्रेजियत ही अंग्रेजियत है। अतः कवि कहते हैं कि भारत में भारतीयता कहीं भी दिखाई नहीं पड़ती है।

प्रश्न ५.

स्वदेशी कविता के शीर्षक की सार्थकता स्पष्ट कीजिए।

उत्तर : प्रस्तुत पद में स्वदेशी भावना को जागृत करने का पूर्ण प्रयास किया गया है। इसमें मृतप्राय स्वदेशी भाव के प्रति रुझान उत्पन्न करने हेतु प्रेरित किया गया है। अतः स्वदेशी शीर्षक पूर्णतः सार्थक है।

प्रश्न ६.

कवि ने ‘डफाली’ किसे कहा है और क्यों?

उत्तर : जिन लोगों में दास वृत्ति बढ़ रही है, जो लोग पाश्चात्य सभ्यता संस्कृति की दासता के बंधन में पूरी तरह से बंधकर विदेशी रीति-रिवाज के बने हुए हैं उनको कवि डफाली की संज्ञा देते हैं क्योंकि वे विदेश की पाश्चात्य संस्कृतिक की, विदेशी वस्तुओं की और अंग्रेजी की झूठी प्रशंसा करने में लगे हुए हैं।

Swadeshi Kavita Class 10 Objective Question Answer

वस्‍तुनिष्‍ठ प्रश्‍न और उत्तर

प्रश्‍न १.

“प्रेमधन” विस युग के साहित्यकार थे?

(a) प्रसादयुग
(b) द्विवेदौयुग
(c) भारतेन्दु युग 
(d) इनमें से कोई नहीं

उत्तर-(c) भारतेन्दु युग

प्रश्‍न2. “जीर्ण जनपद” किसकी कृति है?

(a) प्रेमघन  
(b) नागार्जुन
(c)  प्रेमचंद
(d) श्रीधर पाठक रामनरेश त्रिपाठी

उत्तर-(a) प्रेमघन

प्रश्‍न ३.

“स्वदेशी‘ शीर्षक पाठ्य-पुस्तक में संकलित कविता किस छंद में है?

(a) सोरठा
(b) दोहा
(c) छप्पय
(d) चौपाई

उत्तर-(b) दोहा

प्रश्‍न ४.

“बिदेसी‘ से कवि का क्या तात्पर्य है?

(a) ब्रिटेन
(b) फ्रांस
(c) अमेरिका
(d) डेनमार्क

उत्तर-(a) ब्रिटेन

प्रश्‍न ५.

‘स्वदेशी’ शीर्षक पाठ में दोहों का संकलन किस पुस्तक से लिया गया है?

(a) प्रेमधन सर्वस्व  
(b) जीर्ण जनपद
(c) प्रयाग रामागमन
(d) भारत सौभाग्य
उत्तर-(a) प्रेमधन सर्वस्व

प्रश्‍न ६.

‘प्रेमधन’ ने किस समाज की रचना की?

(a) भक्त समाज
(b) कलावंत समाज
(c) रसिक समाज
(d) धनी समाज

उत्तर-(c) रसिक समाज

प्रश्‍न ७.

‘प्रेमघन’ का जन्म हुआ था:

(a) मिर्जापुर में   
(b) बनारस में
(c) इलाहाबाद में
(d) लखनऊ में

उत्तर-(a) मिर्जापुर में

प्रश्‍न ८.

“प्रेमघन‘ की काव्य कृति है:

(a) आनन्द अरुणोदय
(b) हार्दिक हर्षादर्श
(c) जीर्ण जनपद       
(d) इनमें सभी

उत्तर-(d) इनमें सभी

प्रश्‍न ९.

‘अब्र’ नाम से इन्होंने किस भाषा में कविता की रचना की?

(a) हिन्दी
(b) अरबी
(c) उर्दू        
(d) मलयालम

उत्तर-(c) उर्दू

प्रश्‍न १०.

कवि के अनुसार भारतीय को क्या अच्छा लगने लगा था?

(a) विदेशी चाल-चलन
(b) विदेशी वेशभूषा
(c) विदेशी रहन-सहन   
(d) इनमें सभी

उत्तर-(d) इनमें सभी

प्रश्‍न ११.

कवि समाज की किस वर्ग की आलोचना करता है?

(a) दु:ख भोगी   
(b) आलस भोगी
(c) सुविधा भोगी
(d) विलासिता भोगी

उत्तर-(c) सुविधा भोगी

प्रश्‍न १२.

प्रेमधन का जन्म कब हुआ?

(a) 1853 ई. में
(b) 1855 ई. में
(c) 1857 ई. में
(d) 1859 ई. में

उत्तर-(b) 1855 ई. में

प्रश्‍न १३.

प्रेमघन‘ की मृत्यु कब हुई?

(a) 1918 ई. में
(b) 1920 ई. में
(c) 1922 ई. में
(d) 1924 ई. में

उत्तर-(c) 1922 ई. में

प्रश्‍न १४.

‘स्वदेशी’ के लेखक हैं:

(a) गुणाकर मुले
(b) प्रेमघन
(c) घनानंद
(d) इनमें कोई नहीं

उत्तर-(b) प्रेमघन

प्रश्‍न १५.

‘प्रेमघन’ ने साप्ताहिक किस पत्रिका का सम्पादन किया?

(a) आनन्द अरुणोदय
(b) नागरी नीरद
(c) लालित्प-लहरी
(d) मयंक महिमा

उत्तर-(b) नागरी नीरद

प्रश्‍न १६.

‘प्रेमवन’ की प्रसिद्ध नाट्य कृति कौन-सी है?

(a) बृजचन्द पंचक 
(b) जीर्ण जनपद
(c) डार्दिक हर्षादर्श
(d) प्रयोग रामागमन

उत्तर-(d) प्रयोग रामागमन

प्रश्‍न १७.

‘प्रेमघन’ ने इनमें से किस मासिक पत्रिका का सम्पादन किया।

(a) नागरी नीरद
(b) आनन्द अरुणोदय
(c) आनंदकादम्बिनी
(d) प्रयोग रामागमन

उत्तर-(c) आनंदकादम्बिनी

प्रश्‍न १८.

“प्रेमघन‘ ने मुख्य रूप से किस भाषा में काव्य रचना की?

(a) ब्रज
(b) देवनागरी
(c) भोजपुरी
(d) कन्नड़

उत्तर-(a) ब्रज

प्रश्‍न १९.

पराधीन भारत में चारों वर्गों में चाह थी:

(a) कला वृत्ति         
(b) दास वृत्ति
(c) ‘a’ और ‘b’ दोनों
(d) इनमें कोई नहीं

उत्तर-(b) दास वृत्ति

प्रश्‍न२०.

प्रेमघन साहित्य सम्मेलन के किस अधिवेशन के सभापति बने ?

(a) मिर्जापुर के
(b) कलकत्ता के
(c) काशी के   
(d) दिल्ली के

उत्तर-(b) कलकत्ता के

प्रश्‍न २१.

प्रेमघन के काव्य में प्राप्त होता है।

(a) भक्ति भावना 
(b) समाजदशा
(c) देशप्रेम       
(d) इनमें सभी

उत्तर-(d) इनमें सभी

प्रश्न २२.

‘रीत’ का अर्थ है: Swadeshi Class 10 Hindi

(a) पद्धति
(b) स्वभाव
(c) लगाव
(d) कपड़ा

उत्तर-(a) पद्धति

प्रश्‍न २३

‘भारतीयता का सर्वथा लोप’ हो गया। इस बात का किसे दुःख है?

(a) प्रेमधन को  
(b) गुरु नानक को
(c) घनानन्द को  
(d) सभी को

उत्तर-(a) प्रेमधन को

प्रश्‍न २४.

भारत की अर्थव्यवस्था जर्जर हो गई, कैसे ?

(a) अंग्रेजी नीति के कारण   
(b) जलवायु के कारण
(c) मजदूर के कमी के कारण
(d) भूकम्प के कारण

उत्तर-(a) अंग्रेजी नीति के कारण

प्रश्‍न २५.

भारतीयों में ….. के प्रति कोई आस्था नहीं रह गई है:

(a) अपनी संस्कृति
(b) अपना घर
(c) अपनी जाति   
(d) अपना वंश
उत्तर-(a) अपनी संस्कृति

प्रश्‍न २६.

सबै बिदेसी …… नर गति रति रीत लखात :

(a) वस्तु
(b) शरीर
(c) बुद्धि 
(d) कपड़ा

उत्तर-(a) वस्तु

प्रश्‍न २७.

भारतीय किस तरह से अंग्रेजी के दास हो गए है?

(a) तन से
(b) मन से
(c) धन से
(d) (a) एवं (b) दोनों से

उत्तर-(d) a एवं b दोनों से

प्रश्‍न २८.

वस्तु शब्द है। Swadeshi Class 10 Hindi

(a) स्त्रीलिंग
(b) पुस्लिग
(c) नपुंसक लिग
(d) इनमें कोई नहीं

उत्तर-(a) स्त्रीलिंग

प्रश्‍न २९.

दास-वृत्ति की चाह था…. चारह बरस बाली:

(a) झूठ
(b) मानहु
(c) दिसि
(d) खाम

उत्तर-(c) दिसि

प्रश्‍न ३०.

कवि ने समाज के किस वर्ग की आलोचना की है।

(a) निम्न वर्ग की
(b) मध्यवर्ग की
(c) सुविधा भोगी वर्ग की
(d) इनमें सभी की।

उत्तर-(c) सुविधा भोगी वर्ग की

प्रश्‍न ३१.

“प्रेमघन’ अपना आदर्श किसे मानते हैं?

(a) महात्मा गाँधी    
(b) विवेकानन्द
(c) रवीन्द्रनाथ टैगोर
(d) भारतेंदु हरिश्चन्द्र

उत्तर-(d) भारतेंदु हरिश्चन्द्र

प्रश्‍न ३२.

‘हिन्दुस्तानी नाम सुनि, अब ये सकुचि लजात’-पंक्ति किस कविता से उद्धत है?

(a) भारतमाता 
(b) जनतंत्र का जन्म
(c) अक्षर ज्ञान 
(d) स्वदेशी

उत्तर-(d) स्वदेशी Swadeshi Class 10 Hindi

प्रश्‍न ३३.

“स्वदेशी‘ शीर्षक पाठ के रचनाकार हैं:

(a) रामधन
(b) मालधनी
(c) श्यामधन
(d) प्रेमधन

उत्तर- (d) प्रेमघन

प्रश्‍न ३४.

‘स्वदेशी’ पाठ के अनुसार अब हिंदु लोग मिलने पर आपस में किस भाषा में बात नहीं करते?

(a) अंग्रेजी
(b) बंग्ला
(c) हिन्दी
(d) तमिल

उत्तर-(c) हिन्दी

प्रश्‍न ३५.

‘स्वदेशी’ कविता संकलित है: Swadeshi Class 10 Hindi

(a) ग्राम्या से                
(b) ङ्केपात से
(c) रसखान रचनावली से
(d) ‘प्रेमघन सर्वस्व’ से

उत्तर-(d) ‘प्रेमघन सर्वस्व’ से

प्रश्‍न ३६.

‘भारत सौभाग्य’ किनका प्रसिद्ध नाटक है?

(a) कुंवर नारायण का
(b) प्रेमघन का
(c) अनामिका का    
(d) जीवनानंद दास का

उत्तर-(b) प्रेमघन का

प्रश्‍न ३७.

कवि प्रेमघन के अनुसार कौन-सी विद्या पढ़कर लोगों की बुद्धि विदेशी हो गई है?

(a) छल विद्या    
(b) कपट विद्या
(c) विदेशी विद्या
(d) तकनीकी विद्या

उत्तर-(c) विदेशी विद्या
Swadeshi Class 10 Hindi

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