प्यार भरी शायरी हिंदी में : मैंने तेरे लिये कई गीत लिखे Love Shayari In Hindi
मैंने तेरे लिये कई गीत लिखे
मैंने तेरे लिये कई गीत लिखे,
लिखे कई गजल, अफसाने,
कुछ अनकही रह गयी,
कुछ रह गये अधुरे अंजाने।
मैंने तेरे लिये...।
कुछ लिखी कविता तुम पर मैंने,
लिखें हैं कई तराने,
कुछ सुनाया तुमको मैंने,
कुछ रह गये अनसुने, बेगाने।
मैंने तेरे लिये...।
कितना प्यार किया मैंने तुमसे,
ये मेरी गीत, गजल से पूछो,
करेंगे मेरे प्यार की ये बातें,
प्यार भरे मेरे ये गाने।
मैंने तेरे लिये...।
तेरे प्यार में क्या-क्या नहीं कहलाया,
कहलाया आशिक, दिवाने,
कुछ ने तो लोफर कह डाले,
कुछ अवारा, मस्ताने।
मैंने तेरे लिये...।
प्यार भरी शायरी Love Shayari
जब-जब प्यार की बात चलेगी,
बयाँ करेगी मेरी प्रेम कहानी,
जिनको प्यार की समझ नहीं है,
वो 'अकेला' के प्यार को क्या जाने।
मैंने तेरे लिये...।
अरविन्द अकेला
कविता
प्यार भरी शायरी प्रेमिका के लिए Love Shayari In Hindi For Girlfriend
साँवली सलोनी वह चेहरा
यह बात बहुत पुरानी है, अधुरी प्रेम कहानी है,
जब भी किसी गोरी को देखूँ , उसका चेहरा याद आता है,
साँवली सलोनी वह चेहरा, मेरे मन को बहुत भाता है।
साँवली सलोनी...।
मेरी नयी-नयी जवानी का, था वह पहला प्यार,
उसकी एक मुस्कान पर, मेरा दिल गया था हार,
जब-जब कोई भोली सूरत देखूँ, मेरा दिल धड़क सा जाता है।
साँवली सलोनी...।
मृगनयनी सी आँखे उसकी, थी गजब की चाल,
मनमोहनी मुस्कान थी उसकी, घने थे उसके बाल,
जब भी कोई मनमोहनी देखूँ, तन-मन मेरा मुस्कुराता है।
साँवली सलोनी...।
मनमोहक छवि है उसकी, अच्छे उसके विचार,
दिल से वह है निर्मल-कोमल, अच्छे उसके व्यवहार,
आज भी मेरा यह मन, भूल नहीं उसे पाता है।
साँवली सलोनी...।
नाम है मनमोहनी उसका, मन खोया-खोया था जिसका,
जब भी निकलूं अपने घर से, उसका घर याद आता है,
नहीं देखूँ जब तक उसको, दिल को चैन नहीं आता है।
साँवली सलोनी...।
अरविन्द अकेला
प्यार का इजहार शायरी Pyar Ka Izhaar Shayari In Hindi
दिल चुरा ले जाते हो
जब-जब आते घर हमारे,
दिल चुरा ले जाते हो,
करके नींदे हराम हमारी,
मीठे सपने सजाते हो।
दिल चुराना अच्छी बात नहीं,
किसी को सताना कोई सौगात नहीं,
करते हो तंग मुझको,
और तुम मुस्कुराते हो।
जो भी है बातें तेरे दिल में,
क्यों नहीं उसे बताते हो,
कर दो इजहार अपने दिल की,
जाने क्यों शर्माते हो।
कहीं बीत नहीं जाये ये शुभ घड़ियाँ,
कहीं टूट नहीं जाये प्रेम की लड़ियाँ ,
कर दो इजहार दिल की बातें,
जाने क्यों छिपाते हो।
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अरविन्द अकेला,पूर्वी रामकृष्ण नगर,पटना-27
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