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भाई दूज शायरी | Happy Bhai Dooj Shayari Wishes, Quotes, Status Hindi

Happy Bhai Dooj Shayari Wishes, Quotes, Status Poetry In Hindi

भाई दूज का त्योहार

(गीत)
(यम द्वितीया)
बड़ा अलबेला, बड़ा अनोखा लगता है,
भारत देश में, भाई दूज का त्योहार।
इस पर्व का का ज्यादा कहना क्या?
देखते ही बनता, भाई बहन का प्यार।
बड़ा अलबेला……..
बहन, भाई के हाथ रक्षा सूत्र बांधती है,
टीका लगाकर करती, माथे का श्रृंगार।
साथ ही लम्बी आयु की दुआ मांगती,
देती जीवन का एक अनमोल उपहार।
बड़ा अलबेला …………
भाई भी, एक वादा करता है बहन से,
रक्षा हेतु रहेगा वह, हर हाल में तैयार।
सबसे बड़ा भाई यम है इस दुनिया में,
वह भी जाता है, बहन यमुना के द्वार।
बड़ा अलबेला………….
बहन यह व्रत करती है, भाई के लिए,
यमुना करती है, भाई यम का इंतजार।
व्रत करनेवाली, किसी बहन का भाई,
होता नहीं है अकाल मृत्यु का शिकार।
बड़ा अलबेला………….
कार्तिक शुक्ल पक्ष द्वितीया है सुंदर,
खुशी में डूबा होता, बहनों का संसार।
दुआएं बहन की, काम आती हैं सदा,
भाई बहन का रिश्ता, अविरल धार।
बड़ा अलबेला………….
सूबेदार कृष्णदेव प्रसाद सिंह,
जयनगर (मधुबनी) बिहार/
नासिक (महाराष्ट्र)

ऐसी भाई दूज हो : भाई दूज पर शायरी और कविता

दौलत भरपुर हो
रिश्ते मजबूत हो
प्रीति चहुँओर बढे
ऐसी भाई दूज हो।।

सम्बन्धों की बात हो
रीति प्यार प्रीत हो
गाँव-गली रंग भरे
खुशियों के गीत हो ।।

शुचिता हर भाव हो
सत्य की नित छाँव हो
रामराज के रथ बढे
हर दिन खुशहाली हो।।
वाग्वर

Bhai Dooj par suvichar Image

Bhai Dooj par suvichar Image

Happy Bhai Dooj 2021 Shayari, Wishes Images | Bhai Dooj Status in Hindi

पाँच दिनों का महोत्सव है हमारे भारतवर्ष की जगमग दिपवाली।
अतिंम दिन बहन के घर जाता भाई, पर नहीं रहता हाथ खाली।।

भाई दूज वा भ्रातृ द्वितीया को बंगालप्रांत में भाई फोटा कहते।
कायस्थ चित्रगुप्त जयंती पर शोभा यात्रा भाई भोज करवाते।।

धर्मराज के चित्रगुप्त, कारोबारी बहीखातों दवात पूजा हैं करते।
पौराणिक है, सूर्यभार्या संज्ञा के यमराज पुत्र पुत्री यमुना कहते।।

संज्ञा सूर्य का असह्य ताप, स्वनिर्मित छायामूर्ति पुत्र-पुत्री को सौंपना।
छाया को यम एवं यमुना से अलगाव पर यम यमुना में बहुत प्रेम था।।

अतिव्यस्त यमदेव अपनी बहन से मिलने नहीं जा थे पाते।
एक दिन यम बहन की नाराजगी को दूर करने को जाते।।

यमुना का भाई को देख खुश हो पकवान खिला आदर सत्कार करना।
बहन का प्यार लख यमराज का खुश हो यमुना को सुंदर उपहार देना।।

विदाई काल में यमुना से कोई अपनी इच्छानुसार वरदान मांगना।
इस तिथि कार्तिक शुक्ल पक्ष द्वितीया को आतिथ्य सौभाग्य पाना।।

एक और वर कि जो बहन आज भाई को टीका-आदर-सत्कार करेगी।
उसका भाई स्वस्थ और दीर्धायु होगा, अकाल मृत्यु कदापि नहीं होगी।।

कहा गया उसी दिन हर साल भाई दूज का त्यौहार मनाया जाता है।
कवि निर्मल चाह कर भी भागलपुर बहन से मिलने जा नहीं पाता है।।
डॉ. कवि कुमार निर्मल

भाई बहना के पियार : भईया दूज पर शायरी

"भाई बहना के पियार"
पांच दिन के ई बड़का परब बा भारी।
हमार भारतवर्ष के जगमग ई देवारी।।

आखिर दिन बहिन के घरवा भाई जावेला।
खलिया हाथ ऊ ना कबहो होन्हें जावेला।।

भइया दूज भातरी दिवितिया कहलाएला।
बंगलियन में भाईफोटा एकरा कहल जायेला।।

कायथन में चितरगुपत चयन्ती बड़का होला।
शोभा जातरा निकलेला, भाइया भोज होला।।

धरमराज के चितरगुपत महाराज,
चित्रांश बही के दवात पूजा करेला।
पउरानिक बा, सूरज के मेहरारू संग्या के,
यम बेटा आर यमी पुतरी रहल, कहाला।।

संग्या सूरज के ताप सहे खतिरा,
आपन छाया मूरती बना के सउपली।
छाया के जम यमी से फरका रहली,
जम यमी में डेर परेम रहल सुननी।।

बहुते व्यस्त रहलें यम महाराज,
बहिनो से मिलबे ना ऊ रहतन।
एक बार यम बहिन के घरवा गइलन।।

भइया के आइल देख बहिन बउराइल,
पकवान बनाके भइयाके ऊ खियाइल।
टीका लगा आदर सतकार बहुते करली,
यम परसन्न होके ढेर सउगात देहलन।।

बिदा होत कुछो मांगे के कहलन।
ओ दिन कातिक सुकल पक्ष दिवितिया रहे,
जे भाई बहिन के घरे अजवा जाई।
पकवान बनाके भरपेट खियाके,
टीका कर होई उनकर विदाई।।

ऊ भाइ अकाल कबहों ना मरी।
सौ साल ऊ रही तब्भे ऊ मरी।।

कहल बा तब से संसार में ई तयोहवार मनत बा।
कोरोना रहे तब त आन लाइन गिफट भेजत बा।।
डॉ. कवि कुमार निर्मल
Happy Bhai Dooj 2021 Shayari, Wishes Images

मैथिली भरदुतिया कविता : बहैत रहै भाई-बहिनक प्रेमक धार

मिलैत रहै मार्गदर्शन
बहैत रहै भाई-बहिनक प्रेमक धार,
जोड़ैत रहि असीम विश्वास, सिनेहक तार।
भरैत रहि बूंद -बूंद स संबंधक घैल,
करैत रहि साफ मोंनक सभटा मैल।
सुनियौ हे मां भगवती हमर अरजिया,
चान सन चमकेने रहबैन भैयाक सुरतिया,
भरदुतिया बजरी सन रहैत सदिखन मजबूत,
रहैत बढाबैत डेग मुस्काईत सभ रूत।
चाहे हिलैत भूमि, आबै चाहे अन्हर
टूटे नहि भाई-बहिनक सिनेहक लकर,
घबराई नहि देखि दुनियाक लम्बा पुल,
बढै लेल आगे भेंटत रहै भैयाक सिनेक धूल।
अछि भरदुतिया में एकैटा हमर कामना,
मिलैत रहै मार्गदर्शन, करि समस्याक सामना।
रीतु प्रज्ञा, दरभंगा, बिहार
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