Ticker

6/recent/ticker-posts

सूर्य की उपासना | छठ पूजा पर खास कविता | सूरज पर शायरी Chhath Puja Shayari

सूर्य उपासना का महत्व | सूर्य आराधना भजन
सूर्य उपासना

उदित हो रहे सूर्य में, है केसरिया रंग।
विश्व नमन इसको करे, जीने के दें ढ़ंग।।
ज्यों-ज्यों चढ़ता सूर्य है, देखे जग की चाल।
जैसे को तैसा करे, रखता सबका ख्याल।।
कहीं धूप कदि छांँव दे, यों देता संदेश।
जीवन में यह सब चले, बचे न कोई शेष।।
जाते-जाते सूर्य भी, मुस्काते अभिराम।
जाता अब परदेस मैं, तुम करलो आराम।।
आज यहांँ पर कल वहांँ, करता रहता काम।
परहित ही उद्देश्य है, मुझे कहांँ आराम।।
अज्ञात

छठ पूजा शायरी इन हिंदी

छठ पूजा पर शायरी-Chhath Puja Shayari

Chhathi Maiya Puja Shayari

सूर्य की उपासना धरती है

छठ पूजा पर कविता

सूरज पर शायरी

Chhath Puja Shayari

कतकी प्रणाम
कलम से
सूर्य का प्रकाश
नाप नहीं सकते
जन-जन के हृदय तक
इसका विस्तार है
धन धान्य समृद्धि
सूर्य की किरण के समान है
सूर्य के ताप से
तन मन धन
उर्जान्वित रहता है
आओ इसी ताप से
आपसी गर्मजोशी
बनाए रखें!
लता प्रासर

सुबह का शबनमी प्रणाम

भूरभुरी मिट्टी में आलू गर्व से सोया है
या कहो किसान बहुत प्रेम से इसको बोया है
सब्जी का राजा आलू नव सृजन को तैयार
जीवन मिले सबको इसलिए बीज खुद को खोया है!
लता प्रासर
धान की खुशबू सभी दरवाजों तक आती रहे
कतकी प्रणाम
बात उनकी छिड़ी जब
हलचल होने लगी क्यों
कोई रुख पर निशाना
लगाकर बैठा है क्यों
जिंदा है वो सब जानते
तब प्रश्न हजारों है क्यों!
शबनमी शीतलता दिल शीतल रखें

कतकी सुप्रभात

असीम स्नेह के सागर में डुबकी लगाकर देख लो
मन के छोटे से गागर में प्रेम पसार कर देख लो
भरना भी नामुमकिन है खाली करना भी
सुन लो ओ भोले नागर जरा दिल खोलकर देख लो!
लता प्रासर
Read More और पढ़ें:

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ