न्याय वकील के माध्यम से
न्याय पाने के लिए संघर्ष करना पड़ता है... अगर किसी के साथ अन्याय हो तो उसे विद्वान अधिवक्ता से मिलकर अपनी बात बताना चाहिए ताकि वह माननीय न्यायालय से न्याय दिलवा सके...!
धैर्य व सकारात्मक सोच के साथ अगर संघर्ष करेंगे तो अन्याय करने वाला चाहे जितना बड़ा हो उसे सजा मिलेगी...!
आमतौर पर लोग विद्वान अधिवक्ता से मिलने के बजाय जुगाड़ की तलाश करते हैं या किसी ऐसे व्यक्ति का अनुसरण (बात मानते हैं) करते हैं जिसे क्रिमिनल प्रोसीजर /कानूनी प्रक्रिया की पूर्ण जानकारी नहीं होती है!
देखा यह गया है 107, 116 ,151 सीआरपीसी(126, 135, 170 BNSS) की कार्रवाई अगर किसी पर हुई (जिसपे सही हुई वह तो सही है) तो जमानत कराकर घर बैठ जाते हैं कहते हैं इसमें क्या 6 महीने में खत्म हो जाएगा चार-पांच पेशी होंगी लेकिन ऐसा नहीं करना चाहिए अगर आपके खिलाफ गलत कार्रवाई हुई है तो आप तुरंत विद्वान अधिवक्ता से मिलें और कोर्ट जाएं आपको न्याय मिलेगा...!
इसी तरह से किसी पर गलत F I R/चार्ज शीट दाखिल हो जाए तब भी माननीय उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाना चाहिए...! यानी जहां भी कानूनी उपचार मिल सकता है वहां जरूर लें...लेकिन सलाह हमेशा विद्वान अधिवक्ता से ही लें...!
आपका भाई/ दोस्त -- *मोबीन गाज़ी कस्तवी*
एडवोकेट हाईकोर्ट लखनऊ
9455205870


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