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झारखण्ड दिवस पर विशेष कविता : बिस्मिल जी झारखण्ड दिवस है मनायें जश्न

झारखण्ड दिवस पर विशेष कविता | यौम-ए-झारखंड पर ख़ास नज़्म-व-ग़ज़ल

" यौम-ए-झारखंड पर ख़ास नज़्म-व-ग़ज़ल "
jharkhand-diwas-hindi-poem-jharkhand-day-par-shayari

आज!
" बिस्मिल जी "!, झारखण्ड-दिवस है!, मनायें जश्न!
" ऐ राम जी "!, हसीन बरस है!, मनायें जश्न!!
हम सलीक़े/ क़रीने से सजायेंगे चमन,आज की रात!!
फिर चमक उट्ठेगा,हम सब का वतन,आज की रात!!
दोस्तो!, हुस्न भी है जलवा-फ़गन, आज की रात!!
मौसम-ए-इश्क़/ मौसम-ए-रिन्द भी है, तौबा-शिकन,आज की रात!!
मुझ को हैरत है बहुत!, " जान-ए-चमन "!, आज की रात!!
देख कर,आप के माथे पे शिकन!, आज की रात!!
देख कर, अपने पड़ोसी का चलन, आज की रात!!
नींद से जाग उठा, मेरा वतन!, आज की रात!!
कम किसी तरह तो हो!, दिल/ मन की अगन!, आज की रात!!
आओ!, हो जाये, ज़रा अपना मिलन!, आज की रात!!
देख कर, अपनी पड़ोसन का चलन!, आज की रात!!
नींद से जाग उठा, मेरा सजन!, आज की रात!!
बन के, बेड़ी, जो रही, बरसों, मेरे पैरों में!!
तोड़ दी, मैं ने, वो ज़न्जीर-ए-कुहन!, आज की रात!!
अपनी " तनज़ीम " का जो " अज़्म है, काम आ जाये!!
वरना, दुश्मन ही की ज़द में है वतन!, आज की रात!!
हैं जो " भारत के बेटे ", हैं जो वतन के जाँ-बाज़!!
बाँध कर निकलें,सरों से, वो, कफ़न, आज की रात!!
शायर :- रामदास प्रेमी इन्सान प्रेमनगरी, 
डाक्टर जावेद अशरफ़ कैस फैज अकबराबादी मंजिल, ख़दीजा नरसिंग ट्रेनिंग होम, राँची-हिल साईड, इमामबाड़ा रोड, राँची-834001, झारखण्ड, इन्डिया, एशिया!
MOBILE-PHONE AND WHATSAPP NUMBER :- 6201728863
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