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परिवार: कविता Parivar Kavita Poem on Family Hindi

परिवार : कविता

कविता
परिवार
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      संस्कृतियों की सुंदर माया,
      परिवार बंधन मनभावन।
      आन-बान-शान निराली,
      खुशियों का बरसे सावन।।

      परिवार कौशल भव्य रूप,
      मधुर वाणी शिष्ट व्यवहार।
     अतिथि आदर सत्कार भाव,
      बना रहता है सदाचार।।

      मात-पिता दादा-दादी,
      वट वृक्ष समान बतलाया।
      परिवार भले की खातिर,
      सदा अपना फर्ज निभाया।।

      पारिवारिक जीवन पद्धति,
      शुद्ध भावना परोपकार।
      सुख-दु:ख परमेश्वर लीला,
      बनी रहती जय जयकार।।

      परिवार संस्कार धरोहर,
      सत्यता की पहरेदारी।
      छलकपट दूर ही रहते,
      जय हो भारत माता की।।
      ©®
      रामबाबू शर्मा,राजस्थानी,दौसा(राज.)

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