Happy Birthday Shayari On Poet And Writers
Shayari For Birthday Jesus Christ 25 December
Birthday Wishes Shayari In Hindi Language
Isa Masih Per Shayari
"पचीस दिसम्बर को जन्मे कविगण"
जदीद नज्म/नवीन कविता
"कृष्ण " का है पुजारी, "खुदा" का बन्दा है!
यही "गुलाम-ए-मुहम्मद" है "राम-नानक-दास "
यही तमद्दुन-ए-मुश्तरका का नुमाइन्दा!
शिरी "फिराक गोरखपुरी" की तरह, यारो !
इसी से हिन्दी-व-उर्दू की बज्म ताबिन्दा!
ये "राम-दास" नये फिक्र-व-फन का है खुर्शीद!
गुरूब होगा नहीं ये तो, हम को है उम्मीीद!
मिटा रहा है अन्धेरा अदब की दुनिया का!
चमक रहा है नये फिक्र-व-फन का ये खुर्शीद!
इसे क़दीम समझना गलत है, ऐ नक्काद!
ये "राम-दास " भी है शायर-व-अदीब-जदीद!
लपकते शोले के जैसा तेरा "लब-व-लहजा "
हर एक तान है दीपक सा "गैरत-ए-नाहीद "!
किसी से मांग के पढ़ना बुरा अमल है "राम "
मुताल्आ के लिए उर्दू के रिसाले खरीद !
दिलीप, राही, मुसाफिर, गरीब, और जावेद,
चमक उठेगे ये "इन्सान " हम को है उम्मीद!
ये "राही" है, ये "मुसाफिर" है, ये "गरीब "भी हैै!
यहाँ "हबीब" है, "जावीद" है, "अदीब " भी है!
ये "राम-दास",ये "जावीद फैज ",अशरफ़ कैस "
सभी के वास्ते बे-शक हैं "आक्सीजन गैस"!
"गनी" के बेटे "गरीब " और "गालिब-ए-सानी "!
यही तिलिस्म-ए-खजीना-ए-मानी-व-अल्फाज़!
ब-जात-ए-खुद कहा है, हजरत-ए-मुहम्मद " नेे,
वो "राम-दास" हैं, एहसास-व-फिक्र-व-जज्बा को,
जो ढाल देते हैं "शेर-व-सुखन" के कालिब में!
जनाब-ए-कैस" के वालिद थे वो "गनी जब्बार "!
थे जिन के भाई-बड़े, हेड-मास्टर गफ्फार"!
पिरिन्सिपल थे " गनी-राजा" भी बहुत अच्छे!
"गनी" से खुश रहा करते थे बच्चियाँ-बच्चे!
"बुलन्द",अख्तर - व- अफसर" हैं, " फैज" के भाई!
"फरीद","खुर्रम-व- कैसर" हैं, " फैज " के भाई!
सभी को जन्म-दिवस की खुशी मुबारक होो!
ये खुश्गवार, नयी जिन्दगी मुबारक होो!
नोट : दिसम्बर और जनवरी में जन्मे सभी कवि- व- लेखकगण पर मेरी नज्में और कविताये फिर कभी पेश करेंगे जनाब-ए- प्रेम-नाथ बिस्मिल !
मुन्दरजा बाला नज्म के शायर : " इन्सान प्रेमनगरी,
द्वारा डॉक्टर रामचन्द्र दास प्रेमी राज चंडी गढी, डॉक्टर जावेद अशरफ़ कैस फैज अकबराबादी मंजिल,डॉक्टर खदीजा नरसिंग होम, रांची हिल साईड, इमामबाड़ा रोड, रांची- 834001
ये पुर-खुलूस बशर "राम-दास-रामा" है!
यही "गुलाम-ए-मुहम्मद" है "राम-नानक-दास "
यही तमद्दुन-ए-मुश्तरका का नुमाइन्दा!
शिरी "फिराक गोरखपुरी" की तरह, यारो !
इसी से हिन्दी-व-उर्दू की बज्म ताबिन्दा!
ये "राम-दास" नये फिक्र-व-फन का है खुर्शीद!
गुरूब होगा नहीं ये तो, हम को है उम्मीीद!
मिटा रहा है अन्धेरा अदब की दुनिया का!
चमक रहा है नये फिक्र-व-फन का ये खुर्शीद!
इसे क़दीम समझना गलत है, ऐ नक्काद!
ये "राम-दास " भी है शायर-व-अदीब-जदीद!
लपकते शोले के जैसा तेरा "लब-व-लहजा "
हर एक तान है दीपक सा "गैरत-ए-नाहीद "!
किसी से मांग के पढ़ना बुरा अमल है "राम "
मुताल्आ के लिए उर्दू के रिसाले खरीद !
दिलीप, राही, मुसाफिर, गरीब, और जावेद,
चमक उठेगे ये "इन्सान " हम को है उम्मीद!
ये "राही" है, ये "मुसाफिर" है, ये "गरीब "भी हैै!
यहाँ "हबीब" है, "जावीद" है, "अदीब " भी है!
ये "राम-दास",ये "जावीद फैज ",अशरफ़ कैस "
सभी के वास्ते बे-शक हैं "आक्सीजन गैस"!
"गनी" के बेटे "गरीब " और "गालिब-ए-सानी "!
यही तिलिस्म-ए-खजीना-ए-मानी-व-अल्फाज़!
ब-जात-ए-खुद कहा है, हजरत-ए-मुहम्मद " नेे,
करें तमाम जहाँ वाले, "राम जी " का लिहाज!
अजब तिलिस्म-ए-म्आनी, कलाम-ए-गालिब में!
बहुत सी खूबियाँ हैं, इल्म-व-फन के तालिब में!
बहुत सी खूबियाँ हैं, इल्म-व-फन के तालिब में!
वो "राम-दास" हैं, एहसास-व-फिक्र-व-जज्बा को,
जो ढाल देते हैं "शेर-व-सुखन" के कालिब में!
जनाब-ए-कैस" के वालिद थे वो "गनी जब्बार "!
थे जिन के भाई-बड़े, हेड-मास्टर गफ्फार"!
पिरिन्सिपल थे " गनी-राजा" भी बहुत अच्छे!
"गनी" से खुश रहा करते थे बच्चियाँ-बच्चे!
"बुलन्द",अख्तर - व- अफसर" हैं, " फैज" के भाई!
"फरीद","खुर्रम-व- कैसर" हैं, " फैज " के भाई!
सभी को जन्म-दिवस की खुशी मुबारक होो!
ये खुश्गवार, नयी जिन्दगी मुबारक होो!
नोट : दिसम्बर और जनवरी में जन्मे सभी कवि- व- लेखकगण पर मेरी नज्में और कविताये फिर कभी पेश करेंगे जनाब-ए- प्रेम-नाथ बिस्मिल !
मुन्दरजा बाला नज्म के शायर : " इन्सान प्रेमनगरी,
द्वारा डॉक्टर रामचन्द्र दास प्रेमी राज चंडी गढी, डॉक्टर जावेद अशरफ़ कैस फैज अकबराबादी मंजिल,डॉक्टर खदीजा नरसिंग होम, रांची हिल साईड, इमामबाड़ा रोड, रांची- 834001


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